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फगुआ – झारखण्ड
·
मांच—मध्यप्रदेश
· मांड-- राजस्थान
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फुगडी- गोवा
·
बिहू- असम
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छप्पड मेला- पंजाब
·
हॉर्नबिल- नागालैण्ड
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बाली तृतीया—उडीसा
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माओत्सु—नागालैंड
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बोनालू—तेलंगाना
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बुट्टा बोनालू—आंध्रप्रदेश
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सबद—गरूरपर्ब—प्रकाश का उत्सव—गुरूनानक जयंती
·
यक्षगान- कर्नाटक
·
गरबा- गुजरात
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मोहिनीअट्टम—केरल
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गुडी पडवा- महाराष्ट्र |
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कथककली – केरल
· उगादी—कर्नाटक (चैत्र माह का प्रथम दिवस)-
आंध्रप्रदेश
· जागोई नृत्य- मणिपुर
· भांड पाथेर- जम्मू और कश्मीर
· कजरी—उत्तर प्रदेश (सावन के माह मे
गाया जाता है)
· बास्टील दिवस—पुदुचेरी(फ्रांस का
राष्ट्रीय दिवस)- 14 जुलाई
· हम्पी नृत्य उत्सव--- कर्नाटक
· मन्डो—गोवा का क्षेत्रीय संगीत
· सोहर—घर मे संतान होने पर
· पंडवानी—छत्तीसगढ- तीजनबाई इससे संबधित
है
· लोटिया—
· चेमेंसरी कुन्हीरमन नायर – कथककली
· घो पोशाक—भूटान की
· कुनढेई कटपुतली नृत्य—उडीसा
· स्वांग—हरियाणा
· भूता गीत—केरल
· वंगाला त्यौहार—मेघालय- गारो, खासी,-
फसल कटाई – उपजाऊपन के देवता की पूजा
· Marshal arts
1. थांग टा- मणिपुर
2. गटका- पंजाब
3. मुकना- महाराष्ट्र
4. मलखंभ- मध्यप्रदेश
5. बागा- पंजाब
6. लाठी- पंजाब, बंगाल
7. मरदानी खेल- महाराष्ट्र
8. थोडा- हिमाचल प्रदेश
9. इंबउन कुश्ती- मिजोरम
10. कूटू वरिसइ-दक्षिण भारत, श्रीलंका, मलेशिया
11. सिलम्बम (लाठी स्टाफ फेंसिंग का एक
प्रकार है)-
तमिलनाडू
12. कलरीपायट्टु (भारत में सबसे पुराना मार्शल आर्ट)- केरल
13. मुष्टियुद्ध- वाराणसी
14. परी-खण्डा'- बिहार (राजपूतो द्वारा बनाया गया)
· सुआ- सुवा—छत्तीशगढ (महिलाए तोते की
भांती डांस करती है)
· बिरहा, रसिया, कजरी—उत्तर प्रदेश
· रविन्द्र संगीत—पश्चिम बंगाल (
रविन्द्र नाथ टैंगोर के गीत )
· बाघ नाच—उडीसा (चैत्र माह )
· करमा नाच—झारखण्ड, छत्तीसगढ ( पतझड मे
)
· टप्पा – पंजाब (प्रेमी की व्यथा को ) (
ग्वालियर घराने से )
· कंथुरी उत्सव—तमिलनाडू
· नोकरेक – मेघालय ( खासी आदिवासी,) (
बंगाला त्यौहार के दोरान) (नवंबर मे ) ( अर्थ—बकरी हत्या समारोह)
· कालमेजुथु लोककला- केरल
· पट्चित्र- उडीशा
· तंजौर कला—राजस्थान
· फूलपत्ती नृत्य—मध्यप्रदेश मे मालवा मे
अविवाहित लडकियो द्वारा किया जाता है।
· काकसार नृत्य—छत्तीसगढ
· सैला—छत्तीसगढ
· अंबुबाची, बिहू, माजुली – असम
· नाटयांजली नृत्य महोत्सव—तमिलनाडू(
भगवान शिव)
· लाई हरौबा- मणिपुर ( मीतेई लोगो
द्वारा) (उमंग लाई को खुश करने के लिए ) ( मेरी मेकिंग ऑफ द गॉड)
· डांगी लोकनृत्य—हिमाचल
·
जवारा नृत्य मध्य प्रदेश ( धान का उत्सव मनाने की नृत्य
शैली)
· सुआ-सुवा- छत्तीसगढ (महिलाएँ तोते की
भाती डाँस करती है।
· रविन्द्र संगीत- पंश्चिम बंगाल (गुरू
रविन्द्र नाथ टैगोर के गीत)
· बाघ नाच- उडीसा- चैत्र माह
· करमा नाच- झारखण्ड, छत्तीसगढ( पतझड मे
गाया जाता है। )
· टप्पा—पजाब( प्रेमी की व्यथा के लिए)
(ग्वालियर घराने का है)
· कंथुरी उत्सव- तमिलनाडू
· नोकरेम- मेघालय(खासी आदीवासी)-(वाग्ला
त्यौहार के दौरान)- (अर्थ- बकरी हत्या समारोह)
· कालमेजुथु(कालम) लोककला- केरल
· पटचित्र- ओडिशा
· तंजौर कला- राजस्थान
· फूलपत्ति नृत्य- मध्यप्रदेश-(मालवा मे
अविवाहित लडकियो द्वारा किया जाता है। )
· काकसार- छत्तीसगढ
· सैला- छत्तीसगढ-(गौण्ड जनजाती द्वारा)
·
अम्बूबाची
· बिहू
असम
· माजूली
· नाटयांजली नृत्य महोत्सव—तमिलनाडू- (भगवान
शिव)
· लाई हरौबा- मणिपुर-(मीतैई लोगो
द्वारा)-(मैरी मेकिंग ऑफ द गॉड)-(उमंगलाई को खुश करने के लिए मनाया जाता है। )
· डांगी लोकनृत्य- हिमाचल
·
कुद डाडी
· धूमल जम्मू
कशमीऱ
· हफीजा
· रऊफ
· जवारा नृत्य—मध्यप्रदेश—(धन उत्सव
मनाने की नृत्य शैली है। )
· तानसेन समारोह- ग्वालियर –(उस्ताद
अल्लाउद्दीन खान कला एवं संगीत अकादमी दवारा)
· गुजरात का माधव पुर मेला—भगवान कृष्ण
और रूकमणी
· पढयानि- केरल
· दलखाई—ओडिसा
· गोरीमारा-
· उत्तरायण त्यौहार—(गुजरात)—(मकर
संक्रांती)
· भोगाली बिह( माघ बिहू)—( असम)—(बुलबुल
की लडाई)
· पटेटी त्यौहार-(पारसियो का नव वर्ष)
· मरूनी नृत्य—(पूर्वी नेपाल, सिक्किम)—(शादियो
के दौरान)
· सोहर लोकगीत—प्रसव के दौरान
· देकणी कलारूप- (गौवा)
· ओणम –(केरल)—(महाबली के स्वागत मे)—(10
दिन तक)
· गोचक समारोह- बौद्ध धर्म
· संगीत और नृत्य प्रदर्शन- केरल
· जोनबिल बेला –(असम अद्वितीय त्यौहारो
मे एक है। इसमे वस्तुविनिमय से वस्तुए खरीदी तथा बेची जाती है। 0
(जोन- चन्द्रमा, बिल- आद्र भूमि)
· सोलांग—(अरूणाचल प्रदेश)
· थीमिथि- (तमिलनाडू)-(आग पर चलने का
रिवाज है)
· लूर नृत्य—(हरियाणा)—(चंग वाद्य यत्र)—(होली
के अवसर पर)
· पावनपुई पारंपरिक वस्त्र—(मिजोरम)
· मोंगमोंग उत्सव- (नागालैँड का फसल कटाई
उत्सव)
· ओसूअरी पर्व- निकोबार
· वेर्डिगाओ नृत्य शैली- दमन और द्वीप
· कूडिगाट्टम—(केरल)—(मिझावु प्रमुख
वाद्ययंत्र है)
· वसंत उत्सव (रोंगाली बिहू उत्सव)- असम
· करगा उत्सव—(कर्नाटक)
· सांग नृत्य—(हरियाणा की सच्ची संस्कृति
का प्रतिनिधित्व करता है।
· तंकेशवर हजारिका बोबायान- सहत्रिया
· हिकरू हिडोंगबा( नाव रेस फेसटिवल)—(मणिपूर)
· नुआखाई—(ओडिशा)
· लोहडी के अगले दिन माघी कहा जाता है।
·
बिरहा
· रसिया उत्तरप्रदेश
· कजरी
·
· 
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पोंगल त्योहार तमिलनाडू
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1 दिन—भोगी पोंगल
2 दिन--थाई पोंगल
3 दिन—मट्टू पोंगल
4 दिन--कानुम पोंगल
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कुद डाडी
·
धूमल
· हफीजा
· रऊफ
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